जिंदगी खुली आखों का एक सपना
और मौत एक अनकही सच्चाई

जिंदगी कभी न ख़त्म होनेवाला एक मुकदमा
और मौत उसकी आखरी सुनवाई
जिंदगी और मौत
Suri
Sometime between 1997-99

 

 

 

 

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