कविता मैं grammar !!

कविता मैं grammar की गलतियाँ देख पाना भी एक कला है
और ताजमहल मैं मुमताज को महेसुस करना , ऐसे लोगो को मना है !!

भावना जहा पोहोच गयी , शब्द वहा सिर्फ एक बहाना है
तुम्हारे लिए जिंदगी एक सच्चाई , और हमारे लिए एक फ़साना है !!

सुरेन्द्र

Dec 2012

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